नरम कुरकुरा नाजुक काया
नरम कुरकुरा नाजुक काया बिखर जाऊं गर जोर से दबाया पर जब खाने की हो तैयारी मुझ बिन अधूरी रोटी तरकारी आग में तपकर पकता हूं गोल-गोल चांद सा दिखता हूं
उत्तर:
उत्तर:- पापड़
नरम कुरकुरा नाजुक काया बिखर जाऊं गर जोर से दबाया पर जब खाने की हो तैयारी मुझ बिन अधूरी रोटी तरकारी आग में तपकर पकता हूं गोल-गोल चांद सा दिखता हूं
उत्तर:- पापड़
श्रीपाल को जिसने सताया, और समंदर मे जिसने गिरवाया | नाम बताओ उसका प्यारे,उसी सेठ का नाम उचारे ||
Bina tel ke jalta hai pair bina wo chalta hai, ujiyare ko bikhre kar, andhiyare ko door karta hai...
रूप है काला खून बैगनी ऐसी मेरी फितरत है मेरी चमड़ी लोगों को भाए ऐसी मेरी किस्मत है बारिश में मैं आती ...
सत्य अहिंसा के अनुरागी, वीतरागता जिनकी नामी| तीस वर्ष में मुनि पद पाया, देवों तक ने उनको गाया ||
Hath-pair sab juda-juda, aisi surat de khuda, jab weh murat ban than aave. hath dhare to raag sun...
पांच अक्षर का नाम बतलाता। पहाड़ी पेड़ यह कहलाता।। इससे बायोडीजल निकलता। डीजल से यंत्र है चलता।।
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