आगे त है पीछे त है
आगे त है पीछे त है इसको सबकुछ बड़ा पता है नकल उतारे सुनकर वाणी चुप-चुप सुने सभी की कहानी नील गगन है इसको भाए चलना क्या उड़ना भी आए पर पिंजरा न इसको भाए
उत्तर:
उत्तर:- तोता
आगे त है पीछे त है इसको सबकुछ बड़ा पता है नकल उतारे सुनकर वाणी चुप-चुप सुने सभी की कहानी नील गगन है इसको भाए चलना क्या उड़ना भी आए पर पिंजरा न इसको भाए
उत्तर:- तोता
हड्डी को जब पीसा जाता, चिकना चिकना सा बन जाता| तुम सब अपने मुख मे लगाते, काले से गोरे बन जाते||
वह वृक्ष होता फलदार भी। इसक फल दानेदार भी। इस नाम में तीन अक्षर बताए। इसका शरबत भी बनाया जाए।
तीन लोक में अनुपम है, जो तीन लोक में सार | उसकी महिमा बढ़ जाती है, जो करता उससे प्यार ||
रूप है काला खून बैगनी ऐसी मेरी फितरत है मेरी चमड़ी लोगों को भाए ऐसी मेरी किस्मत है बारिश में मैं आती ...
गोरा नारा बड़ा ही प्यारा बड़ा नरम और कोमल हूं खट्टा-मीठा जैसा चाहो मिल जाता मैं हर पल हूं दूध में दिखत...
दोनों भाई जुड़वाँ आवे, बहिन को देख विरक्ति पावे | कुंथलगिरी से मोक्ष पधारें ,हम सब उनका नाम उचारे ||
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी लिखें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करने वाले बनें!