आगे त है पीछे त है
आगे त है पीछे त है इसको सबकुछ बड़ा पता है नकल उतारे सुनकर वाणी चुप-चुप सुने सभी की कहानी नील गगन है इसको भाए चलना क्या उड़ना भी आए पर पिंजरा न इसको भाए
उत्तर:
उत्तर:- तोता
आगे त है पीछे त है इसको सबकुछ बड़ा पता है नकल उतारे सुनकर वाणी चुप-चुप सुने सभी की कहानी नील गगन है इसको भाए चलना क्या उड़ना भी आए पर पिंजरा न इसको भाए
उत्तर:- तोता
फटेहाल रहता है हरदम ,द्वार -द्वार तक जाए | चाहे कितना जतन करे, यह मनचाहा न पाए ||
मेरा दो अक्षर में नाम आता। पहाड़ी वृक्षों में गिना जाता।। मैं कंटीला वृक्ष कहलाता। पहाड़ो की शोभा ब...
कई कपड़ों के पार हुई एक नहीं सौ बार हुई फिर भी ना बेकार हुई और तेज मेरी धार हुई पूंछ है मेरी तो प...
तीन अक्षर के नाम वाला । इसका फल है काला-काला ।। मधुमेह रोगी का हितैषी। छाया होती है छत जैसी ।।
कौन सी पत्ती है वह, जिसके पीने मे दोष लगता है| सुबह दोपहर शाम को पी जाती है, सबके मन को भाती है||
ऐसे गुरु के चरण पखारू, हृदय कमल पर उन्हें बिठा लू || सीमंधर को नमन किये थे, प्रभुवर से सक्च्चात मिले...
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